बिछड़ गए हम आपसे जिस लम्हे में

Edvard_Munch_-_Separation_-_Google_Art_Project

बिछड़ गए हम आपसे जिस लम्हे में, उस लम्हेने सारा सुकून छीन लिया,
चैन खो गया दिलका जैसे, डोर से टूटकर पतंगने अपना वजूद खो दिया,

इरादे सहम गए ज़िंदा रहनेके जैसे गर्दिशने तारोको गुम कर दिया,
खो गई हस्ती आपके बिना हमारी और परछाईओने भी पेहचाननेंसे इन्कार कर दिया,

आसमानोंकी अर्ज़ियां सुनकर लम्हे थम जाते है क्या कभी?
ज़ुन्झ ज़ुन्झ कर अपने आपसे, कोई सुलझता है क्या कभी?

खुदगर्ज़ है ये ज़िन्दगी, कभी कभार कैसे सितम ढाती है?
सितारोंको छूनेकी बात करने वालोको, हमेशा ज़मीनही क्यों नसीब हो जाती है?

दिन और रात गुजर जाते है रोज़, बिखरे हुए दिलके टुकड़े इकट्ठा करनेमें,
फिर मिलने की आसने ज़िंदा रखा है, वरना कितना वक्त लगता है अपने आपको मिटानेमें।


Wish You All A Very Happy World Poetry Day..!! 😀 😀

मुझे पता है…

id-100186891

मुझे पता है,
आपको सब पता है, पर बताते नहीं हो,
सब महसूस होता है, पर जताते नहीं हो,

मुझे पता है,
आप सब समझते हुए भी नासमझ रहते हो,
सबके साथ मौजूद रेहकर भी खोये खोये रहते हो,

मुझे पता है,
आप सब सुनकर भी अनसुना करते हो,
सब जानकर भी नज़रअंदाज़ करते हो,

मुझे पता है,
आपको दर्द भी होता है, रोना भी आता है,
और ये सब कुछ,
उस हँसी के पीछे छुपाना भी आता है।


(Image courtesy of pat138241 at FreeDigitalPhotos.net)

ज़िन्दगी में ये मकाम आ गया है

ID-100195643.jpg

ज़िन्दगी में ये मकाम आ गया है,
जब,
खुदसेही रूठो, खुदकोही मनाओ,
खुदसेही तकरार करो, खुदकोही अपनाओ,
खुदमेंही उलझ जाओ, खुदसेही सुलझ जाओ,
खुदसेही नफ़रत करो, और खुदकोही प्यार करो|

ज़िन्दगी में ये मकाम आ गया है,
जब,
खुदके आँसू खुदही पी जाओ,
खुदका गम खुदीसे बाटो,
खुदही दिल के सारे बिखरे हुए टुकड़े उठाओ,
और खुदको गले लगाके खुदहीको समझाओ,
…की सब ठीक हो जायेगा


(Image Courtesy of usamedeniz at freedigitalphotos.net)

उस नाजूकसी नजाकतने…

ID-100100498

उस नाजूकसी नजाकतने न जाने कितनो को घायल किया,
जैसे सवारी उन्होने जुल्फे अपनी, हमने खुदही को भुला दिया।
उनकी इक नजर मे, हमारे तो होश उड़ जाते थे,
पता नही उनके घर के आयने हररोज़ बिखर कर केसे जुड़ जाते थे ।

सवारना तो हम भी चाहते थे अपने दिल को,
समझाना तो हम भी चाहते थे अपने दिल को,
पर क्या करे, उन आँखों की मस्ती ने हमको रोक दिया,
इक झपक मे हीे, अपना दिल हमने उनके प्यार मे झोक दिया ।

जलन होती थी हमे उनसे, जिनके साथ वो हसती खेलती थी,
और हम तो उनकी इक नजर के लिए तरस जाते थे,
पर क्या करे, उन लोगों को उन लम्हो की कदर नही थी,
और हम उनके खयालो मे पूरी ज़िन्दगी जी जाते थे ।

उनकी जिंदादिली देख कर हम जमाने की बुजदिली भुल गए,
और उनसे हुई थोडीसी गुफ्तगू हमारी, हमारे तो किस्मत के दरवाजे खुल गए ।
उनकी इक मुस्कुराहट देख कर ही, हमारा मन भर जाता था,
क्योंकि कुछ देर के लिए ही सही, पर दिनमे चाँद जमींपर दस्तक लगाने आता था ।

बहुत शर्मीले है हम, उनके खयालो मे ही ख्वाब बुनते बेठे,
हमसे दिल का हाल बताने मे थोड़ी देर क्या हुई, वो किसी और को अपना दिल थमा बेठे।
उन्हें समजना चाहते थे हम, पर वो अपने ही दुनिया मे मस्त हो रहे थे,
और हम जो हमारा कभी ना था, वो ना मिलने के गम मे शिकवा कर रहे थे ।


(Image Courtesy of Ambro at freedigitalphotos.net)

बस छीन ना लेना हमसे हक़….

ID-100286733

होश हमारे उड़ाकर, क्यों मदहोश हे हम, पूछ रहे हो आप,
घने अँधेरे में खूबसूरतकी नुमाइश करने वाले, उस चाँद से भी खूबसूरत हो आप।

धुंधले लगने लगे हे मंजर, जिसे हम खूबसूरत कहा करते थे,
धोका दे रही थी हमारी नजर हमे, जिन पर हम नाज किया करते थे।

नजरोसे भी भूल हो जाती हे कई बार, खूबसूरती को परखनेमे,
और अल्फाज भी कम पड जाते हे, किसीकी तारीफ़ करनेकी आजमाइशमे।

अंजाम भुगतने के लिए तैयार हे हम, खूबसूरतीकी परिभाषा करने में जल्दबाज़ी करनेका,
बस छीन ना लेना हमसे हक़…. आपके इश्क में फना हो जानेका।


(Image courtesy of winnond at FreeDigitalPhotos.net)